Wednesday, 1 July 2015

योग और गिनीज रिकॉर्ड

अच्छा एक बात मुझे यह  समझ  में नहीं आयी कि #अंतर्राष्ट्रीय_योग_दिवस को भारत ने एड़ी-चोटी का जोर लगाकर, करोड़ों रूपये खर्च कर मनाया। इसके लिए महीनों तैयारी किया। बहुत सारे  जरुरी कामों को तिलांजलि कर योग दिवस मनाने में जुटा रहा। इसके लिए  गिनीज रिकॉर्ड्स ने दो  रिकॉर्ड की घोषणा की। पहला सबसे  ज्यादा लोग (35,985) एक साथ, एक जगह योग किये  और दूसरा सबसे ज्यादा देशों (चौरासी देश) के लोग इस आयोजन में एक साथ, एक जगह योग किये। इन दो घोषणाओं का हम सभी भारतीय सम्मान करते है। हमारा सवाल या असहमति इस बात से है कि आखिर केवल दो रिकॉर्ड ही क्यों ? इससे यह लगता है की गिनीज रिकॉर्ड्स के अधिकारियों ने इसे संकुचित रूप में देखा है जिसे और व्यापक रूप में देखे जाने की जरुरत है। मैं चाहता हूँ और गिनीज रिकॉर्ड्स के अधिकारियों से मांग करता हूँ कि इसे निम्न प्रतिमानों पर भी देखा जाना चाहिए।
) किस देश में एक साथ, एक जगह सबसे ज्यादा पुरुष योग किये?
) किस देश में एक साथ, एक जगह सबसे ज्यादा महिलायें योग की?
किस देश में एक साथ, एक जगह दूसरे देश के सबसे ज्यादा पुरुष योग किये?
) किस देश में एक साथ, एक जगह दूसरे देश की सबसे ज्यादा महिलायें योग की?
 मुझे लगता है कि अगर उपरोक्त चार प्रतिमानों पर भी गिनीज रिकॉर्ड की घोषणा की जाय तो ये  रिकॉर्ड भारत के नाम हो सकते हैं। मैं प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी से कहना चाहता हूँ कि वे अपना मौनेन्द्र वाला रूप छोड़ कर गिनीज रिकॉर्ड्स के अधिकारियों से वार्तासन करें। शायद भारत चार और रिकॉर्ड बनाने में सफल हो जाय।

राघवेन्द्र यादव
आजमगढ़, उत्तर प्रदेश