पुणे स्थित चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन ने अपने रिसर्च में पाया कि 1 अनार बम 34 सिगरेट के बराबर प्रदूषण फैलाता है। एक फुलझड़ी 74 सिगरेट के बराबर प्रदूषण फैलाती है। 1 पुलपुल बम 208 सिगरेट के बराबर प्रदूषण फैलाता है। 1 स्नैक टैवलेट बम 464 सिगरेट के बराबर प्रदूषण फैलाता है। इस रिसर्च फाउंडेशन ने यह भी बताया था कि दिवाली के दिन भारत में 20 गुना प्रदुषण फैलता है। जरा सोचिये, हमारे पल भर के मनोरंजन की कीमत पर प्रकृति को यह नुक़सान चुकानी पड़ती है। इतना ही नहीं; इन पटाकों की वजह से अनगिनत पक्षियां मौत के मुंह में समां जाती है। इसलिए हमें पटाका से होने वाली इन दुस्वारियों से बचना चाहिए और पटाखे नहीं जलाना चाहिए।
पुरे देश और पूरी दुनिया में सेलिब्रेट होने वाला न्यू ईयर, इस पर भी कुछ लोगों अपने छड़ भर के मनोरंजन के लिए पटाका जलाते है। इसका खामियाज़ा प्रकृति को उठाना पड़ता है। हमें प्रकृति को सतत स्वस्थ्य रखने के लिए मनोरंजन के इस तरीके को तिलांजलि कर मनोरंजन के अन्य तरीकों को अख़्तियार में लाना चाहिए। जो इन्वॉयरमेंट फ्रेंडली हो।
एक विशेष अपील और, कुछ खास तौर के भाई लोग से और आज-कल (खास तौर पे शहरों में) इसमें कुछ बहन जी भी इन्वोल्व है। जो नये साल पे टन्न हो जाते/जाती है। आपकी वजह से ३१ दिसंबर की रात में एक्सीडेंट की घटनाएं बहुत बढ़ जाती है। इतना ही नहीं झगड़ा - फसात की संख्या भी बढ़ जाती है। आप तो खुद ध्वस्त होते ही है, कई बार एक सही व्यक्ति भी बिना गलती किये आपके बेवकूफियों का शिकार हो जाता है। इसलिए आप जैसे धुरन्धारों से विशेष अपील है कि आप इन नौटंकियों के भविष्यगामी परिणाम के मद्दे नजर अपने मनोरंजन के साधनों को अख्तियार में लाएंगे।
रघु द्वारा जनहित में जारी ........
पुरे देश और पूरी दुनिया में सेलिब्रेट होने वाला न्यू ईयर, इस पर भी कुछ लोगों अपने छड़ भर के मनोरंजन के लिए पटाका जलाते है। इसका खामियाज़ा प्रकृति को उठाना पड़ता है। हमें प्रकृति को सतत स्वस्थ्य रखने के लिए मनोरंजन के इस तरीके को तिलांजलि कर मनोरंजन के अन्य तरीकों को अख़्तियार में लाना चाहिए। जो इन्वॉयरमेंट फ्रेंडली हो।
एक विशेष अपील और, कुछ खास तौर के भाई लोग से और आज-कल (खास तौर पे शहरों में) इसमें कुछ बहन जी भी इन्वोल्व है। जो नये साल पे टन्न हो जाते/जाती है। आपकी वजह से ३१ दिसंबर की रात में एक्सीडेंट की घटनाएं बहुत बढ़ जाती है। इतना ही नहीं झगड़ा - फसात की संख्या भी बढ़ जाती है। आप तो खुद ध्वस्त होते ही है, कई बार एक सही व्यक्ति भी बिना गलती किये आपके बेवकूफियों का शिकार हो जाता है। इसलिए आप जैसे धुरन्धारों से विशेष अपील है कि आप इन नौटंकियों के भविष्यगामी परिणाम के मद्दे नजर अपने मनोरंजन के साधनों को अख्तियार में लाएंगे।
रघु द्वारा जनहित में जारी ........