"रूह-ए-आजमगढ़ में
तामीर-ए-विश्वविद्यालय उतना ही प्रासंगिक है जितना किसी बेघर को घर
देना।"
(राघवेन्द्र)
यह सर्वविदित है कि गुणवत्तापरक
उच्च शिक्षा की जरुरत ने आजमगढ़ में विश्वविद्यालय की मांग के लिए प्रेरित किया। यहाँ
के बुद्धजीवियों द्वारा यह भी कयास लगाया जा रहा है कि आजमगढ़ में विश्वविद्यालय बनने
से यहाँ का बहुमुखी विकास होगा। उत्तर प्रदेश के विधान सभा में माननीय मुख्यमंत्री
जी द्वाराआजमगढ़ में विश्वविद्यालय की घोषणा किये जाने के बाद से ही इसके स्थापना के
लिए भूमि पर चर्चायें शुरू हो गई थीं। माननीय मुख्यमंत्री जी द्वारा आजमगढ़ दौरे के
बाद इस पर प्रशासनिक कार्य भी तेजी से हुआ। उत्तर प्रदेश विश्वविद्यालय अधिनियम में
संशोधन कर "आजमगढ़ विश्वविद्यालय, आजमगढ़" बनाये जाने के बाद ये अतिआवश्यक
हो चूका है। इस बीच समाचार के सुर्खियों से कुछ खबरें मिलती रही कि यहाँ जमीन मिली
वहाँ जमीन मिली। यह भी खबर थीं कि विश्वविद्यालय के लिए 50 एकड़ जमीं पर्याप्त है। इस
सन्दर्भ में ‘विश्वविद्यालय अभियान टीम’ के साथियों ने भी काफी खोज-बिन कर प्रशासन
को सुझाव दिए। मैं उत्तर प्रदेश सरकार से यह अपील कर रहा हूँ कि "आजमगढ़ विश्वविद्यालय,
आजमगढ़" सिर्फ सर्टीफिकेट बाटने वाली संस्था न होकर यह पूर्ण-आवासीय और विश्व स्तरीय
सुविधायुक्त विश्वविद्यालय हो।
आजमगढ़ की अवाम का आवाज बनकर मैं
उत्तर प्रदेश सरकार से यह निवेदन कर रहा हूँ कि आजमगढ़ की आभा और प्रतिभा को ध्यान में
रखते हुए "आजमगढ़ विश्वविद्यालय, आजमगढ़" में उच्च शिक्षा से सम्बंधित प्राचीन
पाठ्यक्रमों से लेकर नवीन पाठ्यक्रमों के लिए केंद्र/विभाग बनें। जहाँ से राज्य को
और इस देश को बेहतर मानव संसाधन मिल सकें। यहाँ से अच्छे प्रशासक निकले, अच्छे वैज्ञानिक
निकले, अच्छे समाज वैज्ञानिक निकले, अच्छे शिक्षाविद निकले, अच्छे इंजीनियर निकले,
अच्छे प्रबंधक निकले, अच्छे डाक्टर निकले,
अच्छे नेता निकले, अच्छे अभिनेता निकले, अच्छे खिलाड़ी ....... आदि निकले। एक ऐसा विश्वविद्यालय जो भारत
को विश्व गुरु बनाने में नेतृत्व कर सके। इस तरह के विश्वविद्यालय के लिये 50 एकड़ जमीन
बेहद संकुचित स्थान होगा। ज्ञात हो कि देश के और दुनिया के नामचीन विश्वविद्यालयों
को ज्यादा जमीन आवंटित है। "आजमगढ़ विश्वविद्यालय, आजमगढ़" के लिए कम से कम
250 एकड़ से 300 एकड़ के बीच होना चाहिए। आजमगढ़ ग्रामीण बाहुल्य इलाका है। मेरा निजी
मानना है कि इस विश्वविद्यालय को शहर के भीड़-भाड़ से अलग खुले में एक ऐसे जगह पर होना
चाहिए जहाँ पर यातायात की सुविधा उपलब्ध हो। मैं उत्तर प्रदेश सरकार से यह उम्मीद करता
हूँ कि राजनीतिक आपा-धापी से ऊपर उठकर आजमगढ़ में विश्वविद्यालय की स्थापना की जायेगी।
मैं उत्तर प्रदेश सरकार से यह मांग
करता हूँ कि सरकार "आजमगढ़ विश्वविद्यालय, आजमगढ़" के लिए एक कमेटी का गठन
करे जो निष्पक्ष रूप से इसके लिए एक मॉडल विकसीत करे। जिसमें इसके स्थापना के लिए सबसे
उपयुक्त जगह चिन्हित हो और वहाँ की उपलब्धता
और जरूरतों को ध्यान में रख कर कोर्स का सुझाव दे।
सधन्यवाद
राघवेन्द्र यादव
आजमगढ़