Wednesday, 15 February 2023

अहीर रेजिमेंट: एक अनावश्यक मांग

 पिछले दिनों सदन में हमारे लोकल सांसद और भाजपा के नेता श्री दिनेश लाल यादव जी भी अहीर रेजिमेंट की मांग किये थे. कुछ साथी सोसल मीडिया पर भावुक दिखे थे. क्या वे यह मांग भाजपा के बिना सहमति के उठाये थे? जब पूरी दुनिया जाति व्यवस्था को मानसिक बीमारी मानकर जातिप्रथा को जड़ से ख़त्म करने की वकालत कर रही है तो जाति व्यवस्था को पालने वाले मांग क्यों है? नोमनक्लेचर के इस दौर में सबसे पहले जाति/धर्म/क्षेत्र के नाम पर बने रेजिमेंट इत्यादि का नाम बदल देना चाहिए.

सपा, बसपा और भाजपा नेता इसको अपने राजनीतिक हितों के लिए उठाते रहें है. वे इसके पक्ष में रेजांगला शौर्य की गाथाएं भी सुनाते है और दूसरा तर्क देते है की कई रेजिमेंट इस तरह के नाम पर है. सशक्त अहीरों की एक बड़ी आबादी संगठन बनाकर इसका मांग करती रही है. 

हम इसके खिलाफ है. किसी जाति, धर्म या क्षेत्र के नाम पर सेना, अर्द्धसेना या पुलिस के किसी टुकड़ी या रेजिमेंट का नाम नहीं होना चाहिए. उनके काम के आधार पर उनका नाम होना चाहिए. जैसे आर्टिलरी, इन्फेंट्री ....आदि.